ढलने लगी है दोपहर, अब शाम का इंतज़ार है,इस दिल में आज भी सिर्फ आपका ही प्यार है।ठंडी हवा का झोंका आकर आपके बदन को छू जाए,हमारी यादों का सफर आपकी दोपहर को हसीन बनाए।