ढलने लगी है सुबह और दोपहर का वक्त आया है,सूरज ने आसमान में अपना पूरा नूर बिखराया है।आलस को छोड़कर अब आगे बढ़ते रहिए आप,मंजिल ने आपको फिर से एक बार करीब बुलाया है।