हम अक्सर सोचते हैं कि जब हमारी परिस्थितियाँ बदलेंगी, तब हमें शांति मिलेगी। लेकिन सत्य इसके विपरीत है। जब हमारे भीतर शांति होती है, तो बाहरी परिस्थितियाँ अपने आप शांत और अनुकूल लगने लगती हैं। जैसे समुद्र की सतह पर लहरें कितनी भी अशांत क्यों न हों, उसकी गहराई में हमेशा सन्नाटा और स्थिरता होती है; ठीक…
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