सूरज ने अपनी आंखें खोल दी हैं,रोशनी ने दुनिया की राह मोड़ दी है।अब आलस को छोड़ो और आगे बढ़ो,कामयाबी ने फिर तुम्हारी दस्तक दे दी है।