"ब्रह्मचर्य केवल शारीरिक नियंत्रण नहीं, बल्कि अपनी बिखरी हुई ऊर्जा को समेटकर उसे उच्च विचारों, संकल्प और लक्ष्य की ओर मोड़ने का विज्ञान है।