तेज और मानसिक शक्ति: "जो मनुष्य अपनी इच्छाओं के पीछे नहीं भागता और ब्रह्मचर्य का पालन करता है, उसके मुख पर एक स्वाभाविक तेज, बुद्धि में तीक्ष्णता और मन में कभी न टूटने वाला आत्मविश्वास होता है।"