सच्ची मुक्ति: "जब तक आप परिस्थितियों को बदलने की ज़िद में रहेंगे तब तक संसार बंधन है, जिस दिन आप स्वयं को बदलना सीख लेंगे उसी क्षण संसार अध्यात्म बन जाएगा।"