भीतर की खोज: "अध्यात्म मंदिर की सीढ़ियां चढ़ना नहीं, बल्कि अपने अहंकार की सीढ़ियों से नीचे उतरकर स्वयं के भीतर छिपे परमात्मा से मिलना है।"