"जब आप जीवन में सब कुछ बदलने वाली बाहरी परिस्थितियों के बीच भी अंदर से अचल रहते हैं, तभी आप वास्तव में परमात्मा से जुड़ पाते हैं। परिवर्तन संसार का नियम है, लेकिन स्थिरता आत्मा का स्वभाव है।"