स्मार्टफोन की विदाई: "आजकल के बच्चों का रोना भी डिजिटल हो गया है, थप्पड़ पड़ने पर आवाज़ बाद में आती है, पहले फ़ोन जेब में रखने की जगह ढूंढते 😆😃