कर्म और वैराग्य: "सच्चा आध्यात्मिक व्यक्ति वह नहीं है जो संसार छोड़ देता है, बल्कि वह है जो संसार में रहकर भी कर्मों के फल के प्रति मोह छोड़ देता है।"