मौन का अर्थ केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि विचारों के कोलाहल को शांत करना है। जब मन की लहरें शांत होती हैं, तब आत्मा का प्रतिबिंब स्पष्ट दिखाई देता है। जैसे गंदा पानी ठहर जाने पर नीचे की जमीन दिखने लगती है, वैसे ही शांत मन में ही 'स्व' का दर्शन होता है। यह मौन हमें सिखाता है कि हम जो खोज रहे हैं, वह …
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