"जैसे दीपक में तेल उसे प्रकाश देता है, वैसे ही मनुष्य के जीवन में ब्रह्मचर्य उसके मुख पर ओज और बुद्धि में प्रखरता लाता है। संयम ही सफलता की पहली सीढ़ी है।"