मौन का संगीत: जब शब्द थक जाते हैंअक्सर हम समझते हैं कि आध्यात्मिकता का अर्थ मंत्रों का जाप या जोर-जोर से की गई प्रार्थना है। लेकिन असल आध्यात्मिकता वहां शुरू होती है जहाँ शब्द समाप्त हो जाते हैं। हमारे भीतर एक निरंतर शोर चल रहा है—कल की चिंता और बीते हुए कल का पछतावा।
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