Snivogram

Snivogram

अध्यात्म मंदिर की सीढ़ियां चढ़ना नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार की सीढ़ियां उतरना है। हम पूरी जिंदगी 'मैं' को सजाने और बड़ा करने में बिता देते हैं, जबकि आत्मा का असली सौंदर्य 'शून्य' होने में है। जब आप अपने पद, रूप और संपत्ति के मुखौटे को उतार देते हैं, तब जो शेष बचता है, वही परमात्मा है। लहर का अ…

View this post in the app Get Snivogram on Google Play