आध्यात्मिकता का अर्थ संसार को छोड़ना नहीं, बल्कि संसार में रहते हुए खुद को न खोना है। जिस दिन आप दूसरों में खुद को और खुद में दूसरों को देखने लगेंगे, समझ लीजिए आपकी आध्यात्मिक यात्रा सफल हो गई।