अहार शुद्धता (Pure Diet): सात्विक भोजन ग्रहण करें। अधिक तीखा, तला-भुना और उत्तेजक भोजन मन को विचलित करता है। 'जैसा अन्न, वैसा मन'—यह ब्रह्मचर्य की पहली सीढ़ी है।