जीवन की भागदौड़ में यदि हम कुछ क्षण स्वयं के साथ बिताएँ, तो तनाव और भ्रम धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। आध्यात्मिक जीवन हमें सिखाता है कि सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, बल्कि संतोष और जागरूकता में है।