आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति क्रोध और लोभ से दूर रहता है। वह हर परिस्थिति को सीख के रूप में देखता है। यह मार्ग आत्मज्ञान और आंतरिक आनंद की प्राप्ति का सबसे श्रेष्ठ साधन है।