यदि हम अच्छे कर्म करते हैं, तो मन में संतोष और खुशी बनी रहती है। वहीं, गलत कर्म हमें अंदर से अशांत कर देते हैं। इसलिए आध्यात्मिक जीवन का अर्थ है—हर कार्य को सजगता और ईमानदारी से करना। जब हम बिना स्वार्थ के दूसरों की मदद करते हैं, तब हमारी आत्मा और भी उज्जवल बनती है
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