जब इंसान अपने मन को भटकने से रोकना सीख जाता है, तब उसकी ऊर्जा सही दिशा में बहने लगती है। यही ऊर्जा उसे लक्ष्य के करीब ले जाती है और उसके व्यक्तित्व को निखारती है।