Snivogram

Harshvardhan

*इंसान* होता है *प्यार* करने के लिए... *पैसा* होता है *उपयोग* के लिए... किन्तु लोग *प्यार पैसे* से करते हैं और *उपयोग* इंसान का करते हैं..!! जब *चुभने* लगो *ज़माने* की नज़र में तो *समझ* लो कि तुम्हारी *चमक* बढ़ रही है,, *ज़िंदगी की हकीकत यही है, जो तुम्हें रुलाता है... 😢* *अक्सर वही तुम्हें सबसे ज…

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