जिसके सिर पर 'महाकाल' का हाथ हो, उसे काल का भी भय नहीं होता! हमारे पूर्वजों की यही परंपरा रही है—हाथ में शस्त्र और हृदय में शास्त्र (भक्ति)। जब भी वीरों ने अपने आराध्य का आशीर्वाद लेकर रणभूमि में कदम रखा, विजय ने हमेशा उनके चरण चूमे हैं। यह केवल एक तस्वीर नहीं, यह हमारा गौरवशाली इतिहास है। हर हर मह…
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