क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ नैतत्त्वय्युपपद्यते। क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप॥ (भगवद्गीता 3.30) अर्थ .. 🚩 हे पार्थ! कायरता मत ग्रहण करो, यह तुम्हें शोभा नहीं देता। हृदय की क्षुद्र दुर्बलता को त्यागकर उठो, हे शत्रुकेतु! समाज को आलस्य छोड़कर धर्मरक्षा के लिए जागने का प्रयास करें 🙏🚩…
View this post in the app Get Snivogram on Google Play