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Vishal Varshney

धर्मेंद्र जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि तुम चले गए ही-मैन, पर दिल में बस्ती है वो गरम-गरम मुस्कान, जैसे सूरज की किरणें पंजाब के खेतों में बिखरी हों, जैसे शोले का वो डायलॉग आज भी गूँजता हो कानों में – “ये हाथ मुझे दे दे ठाकुर…” तुम्हारी आँखों में थी सात समंदर की गहराई, और हँसी में बसंती की चंचल चाल, तु…

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