बचाओ! बचाओ! जीवक ने फांसी लगा ली। मेरे बेटे को कोई तो बचा लो। दरवाजा खोलो। सागरी देवी जोर जोर से चिल्ला चिल्लाकर पड़ोस के लोगों को बुला रही थीं। आस पड़ोस के सब लोग उनकी आवाज सुनकर उनके घर की ओर दौड़ पड़े। वैसे भी इस तरह की बात सुनकर कोई राह चलता हो वह भी आ जाता फिर ये तो पड़ोसी थे। सागरी देवी के घर…
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