“मुझे मर्दानगी साबित करने को कह रही है, साली! आज तू समझेगी कि मर्द किसे कहते हैं। इस कमरे के चार-चार शेर मर्दों के सामने जब तू एक कमज़ोर हिरणी की तरह तड़पते हुए मरने की भीख माँगेगी, तब भी हम तुझे मरने नहीं देंगे, समझी?” यह कहते हुए उसने सावित्री का सिर जोर से दीवार पर दे मारा। तेज चोट लगने से सावित…
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