Snivogram

Dinesh yadav

कमरे की रौशनी धीमी थी। बाहर बारिश हो रही थी। अंदर, एक और तूफ़ान था। "मैंने कहा था, मेरे कमरे में बिना इजाज़त मत आना," उसकी आवाज़ सख़्त थी। आन्या ने दरवाज़ा नहीं छोड़ा। उसकी आँखों में आँसू थे — लेकिन डर नहीं। "हर बार तुम मुझे दूर धकेलते हो... लेकिन जब तक मैं तुम्हारे पास हूँ, मुझे दुनिया से डर नहीं …

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