अन्हरिया रात में दीप जले चारो ओर, सूरज के उगते देखे लागल बा सबके जोड़ी थोर। सुप में सजल मनोकामना, माथे पर चंदन के छाप, छठी माई के परब से सजेले सबके आपन आप।